शोर
By Mandeep Kaur
मत कोशिश कर बाहर के शोर को कम करने की,
बस इतना कर कि तू रुक जा, ठहर जा —
रुकने का ही तो सारा खेल है।
जब तू रुकना सीख जाएगा,
बाहर का शोर अपने आप कम हो जाएगा।
जिस शांति को तू ज़िंदगी भर ढूंढ रहा था,
ठहर कर तो देख —
तू उसे अपने अंदर ही पाएगा।
By Mandeep Kaur

Superb
Beautiful thoughts
Great message
Beautifully written 👏
lovely.