बात
By Shivpriya Khude
ख्वाहिशो की बात हो रही हैं
मेरी खाव्हिश किस, ने सुनी ही नहीं..
हर दूसरे की बात सुन रहे हैं
पर मेरी बात तो किसी ने सुनी नहीं..
मेरे गलतियों की बात हो रही हैं
तेरी गलतियाँ किसी नें देखी नहीं..
मेरे प्यार की बात हो रही हैं
पर तेरे बदतमीज़ की नहीं..
मेरे बेमानी की बात हो रही
तेरे धोके की नहीं..
हर बात पर मुझे ग़लत ठेहरा जारा हैं
जब की मेरी कोई गलती नहीं..
By Shivpriya Khude

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