फूल
By Rachana Purva
इक माली की बगीया में फूल का होना !!
इक फूल की चाह में भँवरे का गुंजन करना !!
फूलों की खुशबू सें चमन दूर-दूर तक महकना !!
इसी सुगन्ध मात्र सें ही दिल बाग-बाग हो उठना !!
इक तितली का फूल पर बैठकर सुशोभित होना !!
ऐसा सुन्दर दृश्य देख कर माली का मन मोह लेना !!
इक बगिया की सुन्दरता का हाल माली के मुख से सुनने को मन करता है !!
क्योंकि वही तो खुन-पसीना एक कर फूलों से बगिया को रंगीन बनाता है !!
By Rachana Purva

Comments