तुम
By Rohit 'Lukad' Jain
आँखों में मेरी तस्वीर तुम्हारी हैं,
क्यों है, कुछ याद नहीं ।
दिल में मेरे धड़कन तुम्हारी हैं,
क्यों है, कुछ याद नहीं ।
लबों पे मेरे नाम तुम्हारा हैं,
क्यों है, कुछ याद नहीं ।
क़दमों में मेरे मंज़िल तुम्हारी हैं,
क्यों है, कुछ याद नहीं ।
लफ़्ज़ों में मेरे आवाज़ तुम्हारी हैं,
क्यों है, कुछ याद नहीं ।
चेहरे पे मेरे रंगत तुम्हारी हैं,
क्यों है, कुछ याद नहीं ।
By Rohit 'Lukad' Jain

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