झूठ
Updated: Dec 2, 2022
By Shrunoti Kakade
तुम्हारे झूठ को भी सच मान लिया था मैंने,
वक्त नही था तुम्हारे पास,
खुद को समझा लिया था मैंने |
तुम कहते थे शक मत किया करो,
तो भरोसा कर लिया था मैंने |
बिस्तर गिला हैं आँसुओं से,
लेकिन खुद को संभाल लिया था मैंने |
तुम्हारे लिये पूरी दुनिया से लढ गई थी,
लेकिन अब असलियत को मान लिया हैं मैंने |
जिस्म के तलाश में तुम थे,
दिल दे दिया था मैंने |
दिल तो खैर टूट के बिखर गया हैं,
जीने की चाहत अब छोड दि हैं मैंने |
By Shrunoti Kakade

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