जिद
By Amit Kumar
वो जिद
ना माने तो भी
मान ले फ़िर भी
कबूल कम होती है
वो जिद...
नाजायज़ कहूँ या ज़रूरी सी
खुश करने की मजबूरी सी
शायद आदत है पूरा करने की
वो जिद...
आसान नहीं तो मुश्किल भी क्या
चाहत यूं अपनाने सा
पूरा सब कर..ना कर..पर
हर कोशिश कर जाने सा
वो जिद..
By Amit Kumar

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