ऋतु
By Ritu Sachdeva
आसमान की चादर पर
तारे हज़ार!
हर तारे में सपने हज़ार!!
बारिश के पर्दे पर
बूंदें हज़ार!
हर बूंद में हैं रंग बेशुमार!!
बसंत की फसल पर
सरसों हज़ार!
हर सारसो पर उम्मीदें हज़ार!!
सूरज के ताप में
किरणें हज़ार!
हर किरण में रोशनी अपार!!
कुदरत के चक्र में
मौसम कई प्रकार!
हर मौसम में मेरा नाम रहेगा साकार!!
By Ritu Sachdeva

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