डर
By Poonam Kumari
डर भूतों से लगता है
पर अपने अंदर के शैतान का क्या?
डर रात के अंधेरे से लगता है
पर अपने अंदर के अंधकार का क्या?
डर ऊंचाई से लगता है
पर अपने अंदर के अहंकार का क्या?
डर आग से लगता है
पर अपने अंदर की जलन का क्या?
डर तूफ़ान से लगता है
पर अपने अंदर के बवंडर का क्या?
डर अपने दर्द से लगता है
पर दूसरों के दुखों का क्या?
डर पहाड़ो से लगता है
पर अपने अंदर के दिल का क्या?
डर मौत से लगता है
पर अपनी जिंदगी का क्या?
हमें डर पूरे संसार से लगता है
पर खुद का क्या?
By Poonam Kumari

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