top of page

5. Pyaar Ka Ehsaas

Updated: Jun 12, 2023

By Shashi Shikha



आज की बा त, है है बहुत ही ख़ा स,

क्यों कि .....उकेर रही हूँ इन शब्दों में मैं अपने जज़्बा त!

उस दि न, जब उसके घर की दहली ज़ पर चढ़ते चढ़ते सां स फूली … तो ऊपर से उसकी आवा ज़ आयी -'Just one more' मैंने चौं कते हुए यही सो चा - तुम्हें मेरा इंतज़ा र है!

और एहसा स खुद के ख़ा स हो ने का / I am worth it.

दरवा ज़े से अंदर आने तक, मन के द्वन्द से जूझते हुए – कि क्या कहकर मि लना ठी क रहेगा ?

अपनी गहरी नि गा ह मुझपर टि का ये - पहले बो से मा थे पर, पहली हरकत धी रे से अपने करी ब ला ने की , अपने आग़ो श में भरने की और का न में हलके से बो लना - ‘I missed You’

मैंने अपने तेज़ी से धड़कते दि ल में यही सो चा –‘Wow ! I am desired!’

और एहसा स खुद के ख़ा स हो ने का / I am worth it




एक दि न, कुछ कहा सुनी के हो ने से , और मेरे गुस्सा हो ने पर , कुछ बा ता -बा ती बो लने पर,

तुमने मुझे ध्या न से सुना और हा थों में मेरे हा थ लेकर कहा - 'I am sorry '

और मैंने अपने नरम हो ते हुए दि ल में यही सो चा -

'Oh !तुम मुझे समझ पा ए। प्या र की लहर दौ ड़ गयी ….. और एहसा स खुद के ख़ा स हो ने का / That I am indeed worth it!

एक शा म तुमसे मि लकर, दि ल भर, भर आया

हो ठ कां पे, मन भर्रा या , आंसू आप ही आप बह नि कले, मैंने तुम्हें पकड़ कर तुम्हीं को भि गो दि या .

उन ९० मि नटों में तुमने मुझे जकड़ कर रखा , मेरे आंसू पों छे और धी रे से पूछा -‘क्या हुआ है?’ सि र्फ २ बा र

मैंने अपने शां त मन में यही सो चा - तुम्हा री ख़ा मो शी में सुकून है. मेरे एहसा स की की मत है, और एहसा स खुद के ख़ा स हो ने का . I am, Ah! Worth it!

उस रा त की बा त कहूँ मैं क्या …

जब ट्यूब ला इट की रौ शनी में,

तुमने मुझे हर जर्फ़ देखा , अपने बो सें बौ छा र दि ए, मेरा हर को ना -को ना झंका र दि या ,

मैंने उस पल बस यही सो चा -कि तना ख़ा स है ये इंसा न!

जि सने मुझे खुद से ही प्या र करवा दि या !

और एहसा स कि ‘सुन्दर आखि र मैं भी हूँ’.

-शशि शि खा




By Shashi Shikha




4 views0 comments

Recent Posts

See All

Maa

By Hemant Kumar बेशक ! वो मेरी ही खातिर टकराती है ज़माने से , सौ ताने सुनती है मैं लाख छुपाऊं , वो चहरे से मेरे सारे दर्द पढती है जब भी उठाती है हाथ दुआओं में , वो माँ मेरी तकदीर को बुनती है, भुला कर 

Love

By Hemant Kumar जब जब इस मोड़ मुडा हूं मैं हर दफा मोहब्बत में टूट कर के जुड़ा हूं मैं शिक़ायत नहीं है जिसने तोड़ा मुझको टुकड़े-टुकड़े किया है शिक़ायत यही है हर टुकड़े में समाया , वो मेरा पिया है सितमग

Pain

By Ankita Sah How's pain? Someone asked me again. " Pain.." I wondered, Being thoughtless for a while... Is actually full of thoughts. An ocean so deep, you do not know if you will resurface. You keep

bottom of page