Baarish Ki Ek Boond
By Anurakti Dev Singla Nee Srivastava
बारिश की एक बूँद बन कर
आपको भिगाने की चाहत है,
हवा का एक झोंका बन कर
आपको छू जाने की चाहत है,
अकेली सी एक शाम बन कर
आपको सताने की चाहत है,
एक खूबसूरत नगमा बन कर
आपको याद आने की चाहत है।
By Anurakti Dev Singla Nee Srivastava

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