Na Rok Paaoge
By Shradha Jindal
मेरी उड़ान ना रोक पाओगे
मेरी छलांग ना रोक पाओगे
मेरे कदम आसमान को चूमेंगे
तुम ये तूफ़ान ना रोक पाओगे
ना रोक पाओगे तुम मेरी किलकारियाँ
ना ही मेरी वो आंसुओं की बहती धारा
ना रोक पाओगे मेरे शब्द
ना ही यह दहाड़ता हुआ बुलंद सा वक़्त
मेरी रास्ता ना रोक पाओगे
मेरी कश्ती भी ना रोक पाओगे
मैं इंद्रधनुष हूँ आसमान का
मेरी रंगत ना रोक पाओगे
मेरी उड़ान ना रोक पाओगे
मेरी छलांग ना रोक पाओगे
मेरे कदम आसमान को चूमेंगे
तुम ये तूफ़ान ना रोक पाओगे
ना रोक पाये तुम मेरी पहली जीत
अब मेरी अगली ख़ुशी का जश्न मनाओगे
ना अफ़सोस करने का मिलेगा का मौक़ा
ना रुकेगी अब पछतावे की आग
ना मेरा त्याग रोक पाओगे
ना मेरा प्यार रोक पाओगे
ना मेरे पुकार रोक पाओगे
और ना कभी मेरी ललकार रोक पाओगे
By Shradha Jindal

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