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Blood Donor's Day

By Nirupama Bissa


बहा देते हो ना

जिसे तुम

कभी प्यार के नाम पर

कभी इश्क के लिए

तो कभी मुहोब्बत की कसमों पर,


एक बार उसी को बहाना

जीवनधारा समझकर।


ये जो मेरे अंदर,

तुम्हारे अंदर

बहता हुआ एक

लाल दरिया है ।


समझ जाओगे तुम भी ,

किसी के दिल में हमेशा

धड़कने का

कितना खूबसूरत ज़रिया है ये।





कभी निकल पड़ते हो

गलियों में

यूं ही खून बहाने

अपनो का ।


क्या लगता है तुम्हें,

सिर्फ गलियां

रक्तरंजित करते हो?


आखिर नाली में बहाकर,

ये जीवनधारा,

क्या अर्जित करते हो?


किसी की नसों की ओर,

कभी मोड़कर देखो इसका रूख़,।

जान जाओगे तुम भी

क्या होता है , सच्चा सुख ।


ये रक्त मेरा

ये रक्त तुम्हारा,

आओ ना

बना दे इसे

किसीकीजीवनधारा।


By Nirupama Bissa




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3 Comments

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Unknown member
Jan 12, 2023

Nirupama Bissa your creativity is beyond words can express.

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NIRUPAMA BISSA
NIRUPAMA BISSA
Jan 11, 2023

सुंदर

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Unknown member
Jan 12, 2023
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Just Fantastic

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