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माँ

By Aadesh Chauhan


माँ, माँ कौन है?

एक नन्हीं सी शिशु: बनकर संतान जो कभी पैदा हुई थी नानी की कोख से,

जिसको पाकर नाना नानी का घर आँगन गूँज उठा था मधुर किलकारियों से।


माँ, माँ कौन है?  

एक बहन: जिसने अपने छोटे बड़े भाई बहनों के साथ किए खेल और की खूब लड़ाई,

उनके साथ रूठना मनाना किया होगा अनेकों बार और हुई होगी या की होगी बहुत पिटाई।


माँ, माँ कौन है?

एक बेटी: जिसने पूरी कोशिश और मेहनत की होगी अपने घरवालों के सपने पूरे करने की,

जिन पर सबने किया होगा गुमान और अभिमान, नौबत नहीं आई कभी शर्मिंदगी की।


माँ, माँ कौन है?

एक पत्नी: जिसने हमारे पिता के साथ की अपनी नई जिंदगी की शुरूआत,

छोटे बड़े सपने बुने होंगे जिनको साकार करने में दिया होगा अपना पूरा पूरा साथ।


माँ, माँ कौन है?

एक बहू: जिसने ढाला होगा अपने आप को ससुराल वालों के तौर तरीकों में,

अत्यंत कोशिश की होगी कि सभी खुश रहें उनसे, 

जीवन के सभी हालातों में।


माँ, माँ कौन है?

एक माँ: जिसने अपने दूध, ममता और प्यार से हमें सींचा होगा बड़े ही नाज़ों से,

उठाए होंगे हमारे नखरे सारे और डटके टक्कर ली होगी जीवन की मुश्किलों से।


माँ, माँ कौन है? 

एक कामकाजी महिला: जिसने जी जान से कोशिश की होगी घर और बाहर में सामंजस्य बिठाने की,

कभी हुई होगी सफ़ल तो कभी हुई होगी निराश पर बड़ी हिम्मत है इस महिला की।


माँ, माँ कौन है? 

एक गृहिणी: जो ताउम्र ढूंढ़ती रही अपना अस्तित्व और सोचती रही कि उसका क्या वजूद है,

सबकी पसंद नापसंद के हिसाब से चलने को ही अपनी किस्मत मान बैठी, सोचो क्या ये सही है?


माँ, माँ कौन है?

एक शक्ति: जिसने निडर होकर सबको संभाला होगा और की होगी अपनों की रक्षा,

प्यार, ममता, अनुशासन, ज्ञान की बनी रही ये अन्नपूर्णा, हमारी अनोखी कक्षा।


माँ, माँ कौन है?

त्याग की मूरत: बहुत खोजने पर भी ना ढूंढ पाई अपने आप को और ना रख पाई स्वयं को दूसरों से आगे,

सुलझाती रही और जोड़ती बुनती रही घर, परिवार,

प्यार, तथा रिश्तों के ये अनमोल धागे।


माँ, माँ कौन है?

भगवान का रूप: भगवान जिसे हम मंदिरों में ढूंढ़ते हैं और करते हैं जहां आत्मसमर्पण,

लेकिन समझो, माँ ही है भगवान का रूप जिसके चरणों में हम कर दें सब अर्पण।


माँ, माँ कौन है?

एक अनमोल धरोहर: जिसको चाहिए अपनों का सहारा, प्यार, मान और सम्मान,

अडिग होकर देती रहेगी अनंत आशीर्वाद जिसका हमको होता रहेगा हर वक़्त भान।


माँ, माँ कौन है? 

माँ है तो सब कुछ है क्योंकि माँ तो सब कुछ है.....एक शिशु, एक बहन, एक बेटी, एक पत्नी, एक बहू, एक माँ, एक कामकाजी महिला, एक गृहिणी, एक शक्ति, त्याग की एक मूरत, भगवान का रूप, एक अनमोल धरोहर, और न जाने क्या क्या है ये महान माँ...... माँ, माँ तो अनंत ब्रह्मांड है........


सभी मातृशक्तियों को समर्पित


By Aadesh Chauhan


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