माँ
- Hashtag Kalakar
- Aug 8, 2025
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By Poorvi Joshi
ममता की मूरत होती है
उसके जैसी सोच
इस जहाँ में कहाँ किसी की होती है
उसका मेरे लिए खाना बनाना
मेरी हर छोटी से छोटी जरूरत की वो तिजोरी होती है
मेरे पैदा हो के बड़ा होने से
मेरे कितना भी बड़ा बन जाने के बाद भी
उसकी मेरे लिए परवाह उतनी ही जरूरी होती है
फिर हम क्यों नहीं उसके जैसे बन पाते
उसकी आँखो की कमी चेहरे की नमी क्यों नहीं पड़ पाते
हम उसके जैसे क्यों नहीं बन पाते
काश थोड़ा सा दिल उसके जैसे हो पाता
तो उसकी खुशियों को कभी कम ना होने दे पाते
By Poorvi Joshi

True tribute to mom...
Maa..... 😊🙏
Very well said 👌👏
Second and third paragraph ❤️