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ख़ुशी

By Y. Deepika


एक माँ जनम देने के बाद अपने बच्चे का चेहरा देखे, वो ख़ुशी।

एक बाप अपने कन्धों पर अपने बच्चे को दुनिया दिखाए, वो ख़ुशी।

पहली बार पाठशाला जाते वक़्त रोये और एक दोस्त के वजह से वो आसूं हसीं में बदली, वो ख़ुशी।

पढ़ाई के लिए घर से दूर जाने के बाद कभी कभी वापस आना, वो ख़ुशी।




ज़िन्दगी को एक नयी नज़रिये से देखने कि शुरुवात करना, वो ख़ुशी।

किसीको अपने से ज्यादा प्यार करना, वो ख़ुशी।

और उसके छोड़ जाने के बाद, अपने दोस्तों और परिवार का साथ पाना, वो ख़ुशी।

हर सुबह एक नयी उम्मीद से जागना, वो ख़ुशी।

ये खुशियां मिलना बहुत आसान है बस हम उन्हें नज़र अंदाज़ करके अपनी मुश्किलों पर ज्यादा ध्यान देते है।


By Y. Deepika




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