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स्त्री

Updated: Apr 8

By Dr. Swati Priya



प्रारंभ हूँ

प्रवर्धन भी

ममतामई प्रेम की

परिभाषा हूँ


परिकल्पना हूँ

नए युग की

प्रतप्त प्रकृति की

आशा हूँ



प्रीति हूँ

प्रियतमा भी

परितोष नहीं है जीवन से

प्राणत्व के

पयोधि में प्लवित

पूर्णता की

अभिलाषा हूँ


By Dr. Swati Priya



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6件のコメント

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st.sweetsara
2023年9月18日
5つ星のうち5と評価されています。

Beautiful ❤️

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Shivam Singh
Shivam Singh
2023年9月13日
5つ星のうち5と評価されています。

Paripakwa Pantiyaan!

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Prerna Anand
Prerna Anand
2023年9月13日
5つ星のうち5と評価されています。

🥰

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不明なメンバー
2023年9月13日

🤩

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Dr Punit Gaurav
Dr Punit Gaurav
2023年9月13日
5つ星のうち5と評価されています。

Nice Poem👍

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