top of page

युवाशक्ति

By Asha Jaisinghani


दो  यूनिवर्सिटी के बीच sports event चल रहा है दोनों तरफ से हुंटिंग चल रही है कैरम और टैनिंस में जय युनिवर्सिटी ने बाजी मारी और लेकिन कब्बड्डी और चैस  में मधुर यूनिवर्सिटी ने फतह हासिल की दोनो तरफ फुल एक्साइटमेंट आज बास्केटबॉल का मुकाबला  दोनों के पास "लीड का चांस है हांल में जब  रोहन अनुभव को देखता है कि सब warmup  कर रहे थे  और अनुभव  सीधे प्रक्टिस कर रहा था तब रोहन  आकर अनुभव से कहता है  brother कम से कम अपने नाम की तो इज्ज़त रख लें। सब warmup कर   रहे हैं और आप सीधे प्रक्टिस कर रहे है इंजर्री हो सकती है मतलब पहला कदम ही गलत 

अनुभव  साँरी बाँस Thanks for advise

 रोहन भई जीते तो लगना चाहिए शेरों से जीते,और अगर   हारे तो लगना चाहिए शेरो से हारे 

मयंक  That is Spirit of game दोनों मुस्कुराते है ।

अनुभव रोहन से तो शेरों से हारने के लिए तैयार हो जाओ

रोहन हैरानी से एसक्यूजमी

अनुभव That is sprit of game और मुस्कराता है और तभी रोहन को वीर आकर कहता हैअलार्म बजाया है  सब मुस्कुराते है वीर को छोड़कर 

वीर  मैदान में धूल न चटाई यो मेरा नाम बदल देना 

लविश त़ो भई बात done अगर आप हारे तो वीर का नाम बदल देगें ओर रख देगें मि. ईगो

वीर ये ईगो नहीं कांफिडेंस है  मैच तो हम ही जीतेंगें  

माहौल गरम हो गया सब चुप अचानक रूद्र ठण्डे पानी की बाँटल खोलकर वीर को यार पानी पी ठडा ठंडा कूल कूल 

गिरिश वीर से यार तू हर बात को दिलपे ले लेता है और ज्यादा लोड हार्ट केँ लिए अच्छा नहीं होता just chill yaar हम एंटरटेनमेंट के लिए गैम खेल रहै है ना कोई  ईगो कांपीटीशन खेल रहे हैं।

वीर शेरों से हारने के लिए तैयार हो जाओ खेल होता हे और अनुभव की टीम जीत जाती है वीर को नागवार गुजरता है और रोहन को कहता है, big brother आपकी गल्ती है,उनको  मशवरा देने की क्या जरूरत धी । जोश -जोश में गोल मार दिये रोहन खेल है खेल को खेल ही रहने  दो,दिल पे मत ले यार  पर वीर को बात हजम नहीं होती है ।

 तभी अनुभव आता है तो रोहन उसे बधाई देता है ।

अनुभव -आपकी advice जादू कर गई इसी बात पर पार्टी हो जाये  शेरों की

रोहन  thank you  वो सब तो ठीक है ,अगले साल हमारा नंबर जितने का है

अनुभव - भाई दिल्ली अभी दूर है 

अजीत रोहन की टीम के सामने इतराते हुए निकलता है

रोहन  अनुभव से अब मुद्दे की बात सुनो हमारे काँलेज मे एक नया लड़का आया ,गरीब है हमेशा डरा-डरा ,सहमा-सहमा  रहता कुछ दिन पहले अचानक मुझसे टकरा गया तब मैने उससे पूछा  तो पता चला 12 वी  65% से पास होकर एडमिशन  तो जैसे तैसै करवा लिया अब बंधें   को किताबों और फीस की  परेशानी है तुम्हारे काँलेज में कोई ऐसा हो जो उसकी मदद कर सके तो बताना वो कह रहा था टुयूशन वगैरह भी पढ़ा देगा उसके घरवाले  इंतजाम नही कर पा रहे है उसपर पढ़ाई न करके नौकरी का प्रेशर भी है ।

अनुभव लगता है  तुम्हारा कालेज कंजूसों से भरा पड़ा है रोहन अरे नही लोगो के दिल छोटे है सिनेमा जाकर पैसे फूँक आयेंगे ,शाँपिग में उड़ा लेगें,महगें रेस्टोरेंट में जाकर आधा खाकर आधा बचाने में पैसे बर्बाद करेंगे ,लेकिन जब किसी को मदद की जरुरत हो तो ऐसे करेंगे जैसे उन्होंने अपनी किताबों और फीस का इंतजाम बड़ी मुश्किल से किया हो।

अनुभव सही कह रहे हो भाई मदद के वक्त सबका हाथ तंग हो जाता है फिर  ऐसा करते है एक-एक बाक्स बनाकर  20 -20 रूपये डालने कहते ,किसी की जेब पर भारी नही पड़ेगा 90%स्टूडेंट्स तो दे ही देंगें , दो काँलेज मिलकर कर करेंगे तो किताबों और सालभर की फीस का एक बार में ही इंतजाम हो जायेगा।

रोहन वाह गुरू  वेसे अपने को काँलेज का फँड और लाइब्ररी की किताबो के लिए फंड बढ़ाना पड़ेगा  और फिर ऐसे ही बाक्स परमानेंट रख देगें , जब जिसकी श्रद्धा डाले , और हर महीने की आखिर में खोले और जरूरतमंद को दे 

अनुभव लेकिन इस बात की नजर रखनी पड़ेगी कि मदद सही हकदार को मिले 

वीर कुछ स्टूडेंट्स और पोलिटिशियन की मदद से अनुभव के कांलेज और हाँस्टल में हमला कर दिया और बदले में अजीत ने भी कुछ काँलेज के लड़के और पाँलिटिशन पार्टी की मदद से   रोहन की युनिवर्सिटी पर हमला करवाया दोनों कालेजों में दहशत का माहोल बना गया दोनों लीडर स्टूडेंट्स  के साथ खड़े चर्चा कर रहे थे कि कुछ लड़के मिलकर दोनों को पकड़ लाते है ,  तब अनुभव और रोहन दोनों कहते है तुम दोनो जानते हो तुम दोनों ने क्या किया और दोनों को तबाही का मंजर दिखाया जाता है युनिवर्सिटी और हाँस्टल में   सारा फर्नीचर तबाह कर दिया कैम्पस में तोड़फोड़ अगले महिने से एग्जाम है , ये पढ़ने के दिन है , ना कि  तबाही मचाने के ।

 अजीत ये साले होते ही ऐसे है , पहले खुशी खुशी खेलते है , जब हार जाते है तो दिमाग में खुन भर जाता है ।

वीर अबे चुप कर नही तो सबको यँही फोड़ डाँलूगा ,सब सुनकर हैरान होते है 

अनुभव वीर से ये कौनसी भाषा बोल रहे हो कंट्रोल योर सेल्फ 

दीपक वीर से तुझे हमारा हारना इतना बुरा लगा कि तु बाहर वालों को बुलाकर मिलकर उनके साथ तबाही मचाई भाई मेरे हम खेलते है एंटरटेनमेंट के लिये , ताकि हम जो घरो से दूर यँहा आते अकेले जुझते और पढ़ाई का इतना स्टेर्स ,उससे हल्के हो जाये , हम कोई एशियन गैम्स या औल्मपिक नही खेल रहे है 

रोहन अजीत  से तुने एक बार भी नही सोचा कि ,चल बता तुने क्या सोचकर युनिवर्सिटी में एडमिशन लिया कि पढ़लिखकर काबिल बन सको  अपने बेहतर भविष्य की कल्पना करके   ही तुम आये होगे काँलेज  और तुम क्या कर हो तुम कौनसे रास्ते पर चल पड़े हो , जब तुम अपने लिए कहीं काम ढुँढने जाओगे और तुम्हारे रिज्यूम में रेस्टीकेशन लिखा हो या काँलेज में दँगा करने पर जेल गये , बताओ कौन तुम्हें जाँब देगा या जिंदगी बहुत बड़ी है दोस्तोतुम्हारे साथ काम करना चाहेगा 

स्टूडेंट्स अब एग्जाम सर पर है बताओ हम एग्जाम कैसे देंगें और सिर्फ तुम दोनो की गलत सोच का खामियाजा दोंनो युनिवर्सिटी के सारे स्टूडेंट्स भुगतें  प्रिंसिपल ने तो हाथ खड़े कर दिये अब क्या करेगें ।

वीर गुस्से से शुरुआत इसने करी 

अजीत गुस्से से शुरुआत तुम लोगों ने करी 

अजीत क्या किया गैम्स ही तो जीते ?

वीर  धोखेबाज हो तुम सब 

रोहन और अनुभव दोनों को डाँट कर चुप कराते है।

सिर्फ गैम जीतने या हराने के लिए क्रिमिनल बन जायेगें तुम एक छोटी हार नहीं पचा पाये जिंदगी बहुत बड़ी है रोज इमंहान लेती है कैसे सर्वाइव करोगे?

अनुभव  अबे गोंचुओं मतलब तुममें और अनपढ़ जाहिलों में कोई फर्क नही है   तुम दोनो को कोई कहेगा और तुम बिना सोचे विचारे चल दोगे तलवार ,और रिवाल्वर लेकर भाई तुम दोनो को लड़ना ही है तो कालेज छोड़ दो और बाहर पाँल्टिक्स पाँल्टिक्स खेलो लेकिन कालेज के बाहर , काँलेज के अंदर सिर्फ पढ़ाई होगी ,गंदी राजनीति नहीं कल ही तुम दोनों रिजाइन करोगे सारा किस्सा ही खत्म ।

तभी प्रिंसिपल सेकेट्ररी को  बाहर  बोर्ड पर नोटिस लगवाते  है अब कभी कोई इवेंट नही होगा 

स्टुडेंट्स no sir

प्रिंसिपल अव्कोर्स यस और सर चले जाते है

विकास  भाई मेरे हम पढ़ने के लिए आये है  हमारी पढ़ाई सिर्फ हमारा सपना नही , हमसे जुड़े हमारे अपनो का भी सपना है

वीर  डर जाता है नहीं नहीं मुझे काँलेज नहीं छोड़ना मै घर जाकर क्या कहुँगा मुझे पढ़ना है सच मे मुझे पढ़ना है  trust me मै प्रिंसिपल सर से माफी माँग लूगा और कभी किसी से झगड़ा नहीं करूँगा और अजीत भी डर जाता है कहता है पापा ने बड़ी मुश्किल से काँलेज और हाँस्टल की फीस का इंतजाम किया था मै भी सर से माफी माँग लूँगा

अनुभव  तुम दोनों को क्या लगता है इतना सब हो जाने के बाद तुम जाकर माफी माँगोगे और वो तुम्हे माफ कर देंगें ।

अजीत भाई कुछ भी करो बिना डिग्री के  वापस जा नहीं पाँउगा प्लीज  कुछ करो 

हम कुछ नहीं कर सकते 

दोनों सबसे हाथ जोड़ते है ।

सब  हम प्रिंसिपल सर से बात करेंगे माने न माने उनकी मर्जी पर पहले  तुम दोनों ने जो अलग अलग पार्टी के लोगो को बुलाया है पहले उन्हे रोकना होगा दोस्त ये किसी के सगे नहीं होते

दोनो पर उन्होने तो सारी तैयारी कर ली होगी 

उधर दोनों प्रिंसिपल  जैसे ही मिलते है  तेश में आप अपने स्टुडेंट्स को रोकिये 

दूसरे प्रिंसिपल आप अपने स्टुडेंट्स को रोकिये  और दोनो के बीच तीखी नोकझोक होती है  तभी रोहन और अनुभव आते है और बताते उन दोनो ने पार्टी  वालो को मा किया मान नहीं रहे आप दोनो चलिये हमें पुलीस बूलाकर रोकना होगा वरना न जाने क्या होगा ,सब दोड़ते है और मिलकर प्लान बनाते है दोनों कालेज के स्टूडेंट्स अपोजिट कालेज की घेराबंदी करेंगे और पूलिस के साथ मिलकर दंगें होने से रोकेंगें और सि्थति अंडर कंट्रोल हो जाती है

प्रगति का मैदान है युवाशक्ति 

प्रगति का बंटाधार है युवाशक्ति 

किस ओर जाना है ये मैं कर लें युवाशक्ति 


By Asha Jaisinghani


Recent Posts

See All
Imagining In A Nothingness

By Inayah Fathima Faeez I’m not allowed to go up to the attic anymore. It’s an ancient breath captured in the stagnant cold. I’m not allowed to disturb it. The staircase ripples beneath the moonlight.

 
 
 
Return Of The Nebula

By Riya Goswami Preface Once upon a time, there were three rebels who overthrew an evil queen. That is a story of the past ... The citizens of Nordostia needed strong leaders, so the girls bravely lef

 
 
 
Heroes Of The Nebula

By Riya Goswami Once upon a time, there were three rebels. But how did these girls become rebels? Our story starts in a small town north of Paris in the year 6048 CE. That town is quite insignificant

 
 
 

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page