मोहब्बत
- Hashtag Kalakar
- Dec 20, 2024
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By Vanshika Rastogi
मोहब्बत वो फूल नहीं, जो खिल कर मुरझा जाए,
मगर वो फूल है, जो बिखर कर भी, खुशबू बिखेर जाए।
मोहब्बत वो आंख से गिरे हुए आँसूं नहीं,
यह वो हाथ हैं, जो हर बूंद मुट्ठी में समेट ले जाए।
मोहब्बत वो कविता नहीं है, जिसे तेरे लिए लिखी गई है,
यह उन शब्दों में छिपा एहसास है,
जिसे कागज़ पर कलम, बड़ी सुंदरता से उतार जाए।
मोहब्बत वो कागज़ पर लिखे चंद शब्द नहीं,
जो बारिश संग धुल जाए।
बल्कि तू खुद एक मोहब्बत है, जिसे लिखने के लिए,
शब्द भी कम पड़ जाए।
वो गीत मोहब्बत नहीं है, मगर उस गीत की सरगम है,
जो उसको और भी सुंदर बनाए।
मोहब्बत तो बस मोहब्बत है, बारिश में गीली मिट्टी कि
खुश्बू की तरह, चिलचिलाती धूप में छाँव की तरह,
तेरे नाम से आती हुई मेरी मुस्कान की तरह,
बसंत में मेरे आंगन में आई चहकती हुई चिड़िया की तरह,
सावन में लगे झूलों की तरह,
और न जाने किस-किस की तरह।।
By Vanshika Rastogi

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