मैं तेरी माँ !
By Shefali Agarwal
पहली झलक तुझे जब देखा था,
गफ़लत में भी तुझसे मन मेरा चहका था ,
तकलीफ़ से जूझी तू मुझ बिन जब,
मेरा तन-मन मानो सब कुछ मुझसे छूटा था ।
महज़ हाथों में सिमट गई थी,
तू नन्ही सी जान मेरी,
तुझे बाहों में लिया पहली दफ़ा,
आह! छलक गई ममता मेरी ।
उस पहले दिन से आज पहले साल का सफर,
मानो पलक झपकाने सा जाते देखा है,
सुन मेरी लाडो, तुझसे मैंने हर दिन,
हर पल, एक माँ बनना सीखा है ।
By Shefali Agarwal

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