मन में बसे है समझो भगवान।
- Hashtag Kalakar
- Dec 20, 2024
- 1 min read
By Satya Deo Pathak
सुन लो ऐ साथी बंधु,
सुन लो ऐ यजमान!
मन है जो निर्मल तेरा,
मन में बसे है समझो भगवान।
कोई न जाने क्या सोचे है तू?
क्या है बसा मन में तेरे जाने है तू।
जो करुणा है मन में समाया,
मन में बसे है समझो भगवान।
खूब कमाया धन दौलत ऐशो आराम,
उसने दिया, है तेरी किस्मत।
जो औरों को देने का तुझमें अरमान,
मन में बसे है समझो भगवान।
खुशियां ही खुशियां तेरे जीवन में,
गम का है ना नामो निशान।
जो औरों के अधरों पर लाए मुस्कान,
मन में बसे है समझो भगवान।
जप माला छापा तिलक,
मिलते नहीं भगवान।
सेवा दीन दुःखी की करे जो इंसान,
मन में बसे है समझो भगवान।
By Satya Deo Pathak

Comments