top of page

प्रेम की बात

By Akanksha Mishra


बहुत हुआ,

नहीं लिखूंगी अब कविता में,

कोई तेरी या मेरी बात,


करती हूं जो चांद से बातें,

या जो मिलती हूं तारों के साथ,

नहीं लिखूंगी,

बिना तुम्हारे कटती है कैसे हर रात,


किस रंग में मैंने तुमको देखा,

बैठी थी मैं किस फूल के साथ,

नहीं लिखूंगी,

बाग में कैसे हर काली से की थी तुम्हारी बात,


बहुत हुआ, 

अब बहुत हुआ बिरहा के रंग में,

प्रेम भरे शब्दों का साथ,

लिखूंगी अब कुछ क्रांति-कारी,

कुछ देश, काल, जन मानस का,

हां हो लूंगी विद्रोही शब्दों के साथ।


पर प्रेम से बड़ी है क्रांति क्या?

है प्रेमी से बड़ा विद्रोही कौन?

है प्रेम नहीं किस देश, काल में?

है प्रेम नहीं किस मानस का?


हो द्वापर का कृष्ण प्रेम,

या त्रेता में राम की भक्ति हो

भगत सिंह का देश प्रेम हो,

या मीरा के प्रेम की शक्ति हो,


चाहे सूरज का उगना हो, 

या लहरों की मस्ती हो, 

चाहे फूलों का खिलना हो, 

या झूम के मेघा बरसती हो, 


है प्रेम नहीं किस कण में बोलो,

है प्रेम नहीं किस कण में बोलो,

हर प्रेम अश्रु गंगाजल है,

है भक्ति प्रेम की हर पुकार,

प्रेम स्वयं में क्रांति है,

प्रेम ही है जीवन का सार,


प्रेम को तुम में देखा है मैने,

तुमसे ही प्रेम को जाना है,

सौ बार स्वयं मैं तुमको देख,

मैने फिर ख़ुद को पहचाना है,


प्रेम नहीं लिखने बैठी थी,

पर हुई प्रेम की हाय सब बात,

जहां लिखूंगी ये शब्द प्रेम

वहां कैसे ना होगी तेरी बात,

वहां कैसे ना होगी तेरी बात।


By Akanksha Mishra


Recent Posts

See All
एक विचारू

By Mohini C. Halarnkar विठुराया एक विचारू      सांगशील का मला ? युगान युगे उभा आहेस   वेदना नाही होत तुझ्या पायाला? कटेवरचे हात          खाली घेतच नाहीस विराम म्हणून पण         थोडा बसतही नाहीस l राज्

 
 
 
पाठीशी

By Mohini C Halarnkar स्वामी माझे असता पाठीशी  तमा मला कशाची ? हवे तुम्हा ते गेलात घेऊन  कशी दाखवू घालमेल मनाची ? खडतर माझा प्रवास आता परी हाक तुम्हा मारिते l तुम्हीच म्हणता स्वामी समर्था विधीलिखितात

 
 
 
ती येते रोज

By Mohini C. Halarnkar साांज माझी वेगळी ग कवाडातून खुणावते मजला l मी म्हणते मग थाांब जराशी दिवा लावते ग िेवाला l दिवा मग मी लावते पटकन ती हसते मला बघून खुिकन l आवरा आवर माझी बघते िडून म्हणते ये ना ग आ

 
 
 

7 Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
Rishabh Nandan
Rishabh Nandan
21 hours ago
Rated 5 out of 5 stars.

Too deep but presented with such clarity

Like

Mona Priya
Mona Priya
a day ago
Rated 5 out of 5 stars.

Wah kya baat hai

Like

Rated 5 out of 5 stars.

उफ्फफ्फ्फ़... ये कमबख्त प्रेम 💗💗💗 beautiful dear

Like

payal jain
payal jain
2 days ago
Rated 5 out of 5 stars.

Well wrote

Like

Rated 5 out of 5 stars.

Wowi

Like
bottom of page