प्रेमपत्र
- Hashtag Kalakar
- Dec 16, 2025
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By Mridul Krishna Tripathi
सुहाने इस मकां में
गत्ते कुछ पुराने पड़े थे
किताबें थी कुछ में, कुछ में अरमां पड़े थे
छूने नहीं दी हमने अलमारियां ये कह कर
कि उसमें जरूरी पन्ने पड़े थे।
पन्ने निकालते हुए प्रेमपत्र मिलने लगे थे
समय निकल कर पढ़े
तो समझ आया किस बेवफा के चक्करों में पड़े थे।।
By Mridul Krishna Tripathi

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