“नारी तू नारायणी"
- Hashtag Kalakar
- Dec 16, 2025
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By Sneha Kumari
नारी तू नारायणी
तुझसे है ये संसार
तू है ममता की मूरत
ईश्वर का अद्भुत निर्माण
नारी तेरे रूप अनेक
हर रूप में है तू श्रेष्ठ
कन्या से बहू का सफर
बहू से माँ का सफर
माँ से आगे का सफर
करती पूरी तनमयता से सफर
है ये बहुत खूबसूरत सफर
पर क्या कभी सोचा है
पी.टी. ऊषा, मैरीकॉम ये भी है नारी
जिन्हें जानती दुनिया सारी
इसलिए नहीं कि वो मुश्किलों के आगे घुटने टेक गईं
इसलिए भी नहीं कि वो मर्यादा की बेड़ियाँ निभाते निभाते खुद को ही भूल गईं
उन्होंने तो इतिहास बनाया
इस दुनिया की सोच से परे कुछ करके दिखाया
तुम केवल देह नहीं, तुम हो खुद में ही एक सृष्टि
फिर तुम क्यों होती हो किसी भी जुल्म की शिकार
बनो स्वावलंबी और पूरी दुनिया को दिखा दो कि तुममें भी पनपते हैं उत्तम विचार
By Sneha Kumari

Amazing
बहुत सुंदर
आपने नारी के लिए बहुत सुंदर लिखा है
Nice poem 👌
Motivating lines.....