“नारी के नाम एक संदेश”
- Hashtag Kalakar
- Dec 16, 2025
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By Sneha Kumari
पग-पग पर रावण, तुम कितने तिनके उठाओगी?
यह कलियुग है, सीते! कहाँ तक बच पाओगी?
हाँ, बच पाओगी — अगर हक़ की आवाज़ उठाना सीख जाओगी।
हाँ, बच पाओगी — अगर ग़लत बढ़ते हाथों को तोड़ना सीख जाओगी।
हाँ, बच पाओगी — अगर बुरी आँखों को अँधा करना सीख जाओगी।
हाँ, बच पाओगी — अगर अग्नि-परीक्षा देने से पहले ना कहना सीख जाओगी।
हाँ, बच पाओगी — अगर आवाज़ में निडरता,
कर्मों में सच्चाई, और सपनों पर भरोसा रखना सीख जाओगी।
हाँ, बच पाओगी — अगर अपनों और परायों में फर्क करना सीख जाओगी।
हाँ, बच पाओगी — अगर हैवान और इंसान में फर्क करना सीख जाओगी।
पग-पग पर रावण, तुम कितने तिनके उठाओगी?
यह कलियुग है, सीते! कहाँ तक बच पाओगी?
By Sneha Kumari

keep writing the way you do.
❤️❤️❤️
❤️❤️❤️
wowwwww heart touching
So nice poetry 👌👌