दोस्त
- Hashtag Kalakar
- Dec 11, 2025
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By Japneet Kaur
दूर से देखा तो अजनबी दिखाई दिए, पास से गुज़रे तो गुज़रे हुए लम्हे दिखाई दिए, आँखें देखना चाहती थीं वो हकीकत जो ख्वाबों में सजाई थी लेकिन जब नज़रे मिलीं तो उनको हमारी आँखों के अल्फाज़ कहाँ दिखाए दिए और अगर देख लेते पलट के एक बार तो शायद अजनबी से दोस्त ही कहलवाए जाते!
By Japneet Kaur

Wah
Nice
Excellent
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