top of page

जैसे उसको पा के हम खुद को खो सके

By Nandan Kumar


कांधे पे जिसके हम सर रख के रो सके,

गोदी में जिसके हम निश्चिन्त से सो सके 

आँखों में जिसके सारी इज्जत सिमट सके 

होठों से जिसके मीठा रस पिघल सके 

जैसे उसको पा के हम खुद को खो सके 


झगड़ा तो हो पर जिससे प्यार उमड़ सके 

बर्तन हम धो देंगे,खाना वो पका सके 

सोशल मीडिया छोड़ वो ईमेल पे आ सके 

फ्लैट हम खरीदें जिसको वो घर बना सके 

जैसे उसको पा के हम खुद को खो सके 



रूठ जाए हम तो वो प्यार से मना सके 

ख़्वाबों में उसस्के हम सपने सजा सके 

पलकों पे जिसके हम तारे बिछा सके 

चेहरे पे जिसके हम सबकुछ लुटा सके 

जैसे उसको पा के हम खुद को खो सके 


By Nandan Kumar



42 views4 comments

Recent Posts

See All

Maa

By Hemant Kumar बेशक ! वो मेरी ही खातिर टकराती है ज़माने से , सौ ताने सुनती है मैं लाख छुपाऊं , वो चहरे से मेरे सारे दर्द पढती है जब भी उठाती है हाथ दुआओं में , वो माँ मेरी तकदीर को बुनती है, भुला कर 

Love

By Hemant Kumar जब जब इस मोड़ मुडा हूं मैं हर दफा मोहब्बत में टूट कर के जुड़ा हूं मैं शिक़ायत नहीं है जिसने तोड़ा मुझको टुकड़े-टुकड़े किया है शिक़ायत यही है हर टुकड़े में समाया , वो मेरा पिया है सितमग

Pain

By Ankita Sah How's pain? Someone asked me again. " Pain.." I wondered, Being thoughtless for a while... Is actually full of thoughts. An ocean so deep, you do not know if you will resurface. You keep

4 Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
Manu Priya
Manu Priya
Feb 15
Rated 5 out of 5 stars.

👌👌

Like

Rishav Raj
Rishav Raj
Feb 10
Rated 5 out of 5 stars.

Sundar♥️♥️♥️

Like

Sangita Jha
Sangita Jha
Feb 10
Rated 5 out of 5 stars.

👏👏

Like

Shalini Vats
Shalini Vats
Feb 10
Rated 5 out of 5 stars.

लाजवाब

Like
bottom of page