• hashtagkalakar

जीना चाहता हूँ हसना चाहता हूँ

By Amit Kumar



रास्ते और रिश्ते मे ज्यादा फर्क नहीं है

मैंने भी कुछ रास्ते चले है

कुछ छोड़ दिये, कुछ अभी चल रहा हूँ

नए रास्ते मिले है, कुछ पे चला कुछ को नकार दिया





तू भी एक रास्ता है मुश्किल भी अंजान भी

इस पे चलना चाहता हूँ गिरना चाहता हूँ

तुझ रास्ते की कोई मंजिल नहीं, फिर भी भटकना चाहता हूँ

मदद कर आसान कर इस रास्ते के सफर को

की इस रास्ते पे जीना चाहता हूँ हसना चाहता हूँ |

रास्ता तू है मंजिल भी तू है

पर कदर कर इस मुसाफिर की थोड़ी तो,

अंजान नहीं हूँ इस रास्ते की मुश्किलों से

फिर भी इन मुश्किलों के साथ जीना चाहता हूँ हसना चाहता हूँ



By Amit Kumar





5 views0 comments

Recent Posts

See All

By Shrikant Joshi लि खने की जरुरत तो नहीं थी, पर दायरे बहो त है तेरे-मेरे बि च में, बा कि ज़रि ये व्यर्थ है, मेरी आसक्ति की गवा ही देने मे, दि ल की बा ते अधूरी सी रह जा ती है और उम्र नि कल जा ती है उसक

By Prakriti mirror, mirror on the wall, tell me should i walk or crawl? if crawling my way to freedom is the only way out, let me choose it without a doubt! to fly is a dream, unreal, to run is hard f

By Prakriti sometimes I start missin' you crazy ain't nothing quite like you love like this keeps going and going I can’t forget you.. these were the lyrics of the song,I bawled my eyes too while it h