जिस अदब से तुमने मना किया.....
- Hashtag Kalakar
- Aug 6, 2025
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By Aryawardhan Garg ( kajal )
जिस अदब से उसने मना किया
वो अदब भी इतनी प्यारी थी।
मैं कांटो का जंगल सा
वो कोई फुलवारी थी ।।
जब मना किया उसने कहकर कि मैं कैसी और के संगम में ll
प्रेम करूं जब प्रेमी से तो क्यों बांधे मुझे बंधन में
मैं मूरत सा खड़ा रहा उसकी बातें जारी थी ।।
ठुकराया जाना प्रेम मेरा , कड़वाहट की ही प्याली थी ।।
उसकी बातों को सुनते ही , जुल्फों में उसके खोया सा ।।
ठुकराया उसने में हंसता रहा , शायद मुझको रोना था ।।
उंगली से जुल्फों को घुमाना, बिंदी मेरे संयम पर भारी थी ।।क्यों दिल दे बैठा मैं उसको हां, शायद काजल की ही गद्दारी थी ।।
जिस अदब से उसने मना किया
वो अदब भी उतनी प्यारी थी ।।
By Aryawardhan Garg ( kajal )

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