किसी के लिए मोहब्बत
- Hashtag Kalakar
- Aug 18, 2025
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By Sonu Khan
किसी के लिए मोहब्बत, मोहब्बत है,
तो किसी के लिए ये सुकून।
किसी के लिए मोहब्बत, दुआ है,
तो किसी के लिए ये बस एक दवा।
किसी के लिए मोहब्बत, सिर्फ़ एक कहानी,
तो किसी के लिए ये एक निशानी।
किसी के लिए मोहब्बत, इबादत है,
तो किसी के लिए बस एक इल्ज़ाम।
किसी के लिए मोहब्बत, एक ख़्वाब है,
तो किसी के लिए ये बेहिसाब।
किसी के लिए मोहब्बत, शराब है,
तो किसी के लिए बस एक गुनाह।
किसी के लिए मोहब्बत, एक अफ़साना,
तो किसी के लिए ग़म का फ़साना।
किसी के लिए मोहब्बत, एक सफ़र,
तो किसी के लिए बस एक सफ़र-ए-ग़म।
किसी के लिए मोहब्बत, जीवन का रंग,
तो किसी के लिए ये एक अधूरा संग।
किसी के लिए मोहब्बत, दिल का करार,
तो किसी के लिए ये बस इंतज़ार।
किसी के लिए मोहब्बत, एक चिराग,
तो किसी के लिए ये बुझती आग।
किसी के लिए मोहब्बत, खामोश दुआ,
तो किसी के लिए ये अधूरी सजा।
किसी के लिए मोहब्बत, पहला एहसास,
तो किसी के लिए ये आखिरी उदास।
किसी के लिए मोहब्बत, मीठी सी याद,
तो किसी के लिए ये दर्द की फरियाद।
किसी के लिए मोहब्बत, मौसम का साज़,
तो किसी के लिए ये बेवफ़ा मिज़ाज।
किसी के लिए मोहब्बत, उम्मीद की किरण,
तो किसी के लिए ये टूटी हुई थकन।
किसी के लिए मोहब्बत, हर पल का सहारा,
तो किसी के लिए ये तन्हाई का किनारा।
किसी के लिए मोहब्बत, रब का करम,
तो किसी के लिए ये गुनाहों का ग़म।
किसी के लिए मोहब्बत, दिल का चैन,
तो किसी के लिए ये बस एक रैन।
किसी के लिए मोहब्बत, ख़ुशियों का पैगाम,
तो किसी के लिए ये दर्द का इनाम।
किसी के लिए मोहब्बत, दिल की जुबान,
तो किसी के लिए ये अधूरी दास्तान।
किसी के लिए मोहब्बत, सुकून की छांव,
तो किसी के लिए ये तन्हा शाम।
किसी के लिए मोहब्बत, सच का इकरार,
तो किसी के लिए ये छल का व्यापार।
किसी के लिए मोहब्बत, रंगों का मेला,
तो किसी के लिए ये तन्हाई का झोला।
किसी के लिए मोहब्बत, सच्चे दिल की पुकार,
तो किसी के लिए ये ख़ामोश इनकार।
किसी के लिए मोहब्बत, मीठी मुस्कान,
तो किसी के लिए ये टूटे अरमान।
किसी के लिए मोहब्बत, खुदा की इनायत,
तो किसी के लिए ये सबसे बड़ी शिकायत।
किसी के लिए मोहब्बत, रूह की सदा,
तो किसी के लिए ये बस एक सजा।
किसी के लिए मोहब्बत, एक खुला आसमान,
तो किसी के लिए ये वीरान मकान।
किसी के लिए मोहब्बत, दिल की मिठास,
तो किसी के लिए ये बस एक निराश।
कोई मोहब्बत को माँ की दुआ में देखता है,
तो कोई बाप की छांव में।
कोई इसे बेटे की मुस्कान में पाता है,
तो कोई बेटी की पहचान में।
कोई इसे किसी अजनबी चेहरे में देखता है,
तो कोई किसी अपने के साये में।
मोहब्बत बस एहसासों का आईना है,
जो हर दिल में अपने रंग से झलकती है।
By Sonu Khan

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