काफ़ी है
- Hashtag Kalakar
- Dec 15, 2025
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By Jyotsna Kalkal
काफ़ी है अगर आज
कुछ ख़ास नहीं किया
ली सिर्फ़ साँसें
बस लम्हों को जिया
नहीं जीती
कोई दौड़
ना शामिल हुए ज़ंग में
लगा कर होड़
नए टारगेट नहीं कमाए
रोज़ जहाँ पहुँचना था ,नहीं पहुँच पाए
फिर भी आकाश मुस्कुराया
दिन बीता
धरती घूमती रही
फूलों ने दिल जीता
ठहर कर कुछ पल
ज़िंदगी को ख़ुद में भर लिया
काफ़ी है अगर आज
कुछ ख़ास नहीं किया
By Jyotsna Kalkal

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