ओ चिड़िया बता तू
- Hashtag Kalakar
- Aug 4, 2025
- 1 min read
Updated: Aug 6, 2025
By Mukta Sharma Tripathi
ओ चिड़िया बता, तू कहाँ से आई?
मीठा स्वर ये, कहाँ से लाई?
प्रसून पास बुलाते होंगे।
रस का पान कराते होंगे।
मधु रानी से बतियाती होगी।
वही शहद खिलाती होगी।
सरस जो तुमने, धुन है सजाई।
मीठा स्वर ये, कहाँ से लाई?
ओ चिड़िया बता, कहाँ से आई?
मधुर-मधुर सरस तुम गाती।
चिटुर-चिटुर, मधुर बतियाती।
डार-डार पर, खूब तू डोले।
डर के मारे, पंख तू खोले।
ऐसी चपलता, कहाँ से पाई?
मीठा स्वर ये, कहाँ से लाई?
ओ चिड़िया बता, कहाँ से आई?
रह-रह ओट से, मेंढक बोलें।
मटक-मटक के, आँखें खोलें।
टर्र-टर्र की, टेर लगाएँ।
जबरन अपना शोर सुनाएँ।
तिरछी नजर से, क्यों तू मुस्काई।
मीठा स्वर ये, कहाँ से लाई?
ओ चिड़िया बता, तू कहाँ से आई?
मधुर जो तुमने, धुन है सजाई।
मीठा स्वर ये, कहाँ से लाई?
ओ चिड़िया बता, कहाँ से आई?
By Mukta Sharma Tripathi

Comments