अधूरी मुलाकात
- Hashtag Kalakar
- 4 days ago
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By Arshi Srivastava
ना जाने क्यों लगता है लम्हा थम सा गया है,
दिल भी पिघले मोम सा कुछ जम सा गया है,
शायद कुछ पीछे रह गया,
जिसे लफ्ज़ बयां न कर सके वो बात बाकी है,
अभी एक अधूरी मुलाकात बाकी है...
साथ खड़े हैं फिर भी एक फ़ासला है,
तन्हाई है अंदर, बाहर काफिला है,
जो रूह को भिगा दे, वो बरसात बाकी है...
अभी एक अधूरी मुलाकात बाकी है...
पहली बार मिले, पर कोई गहरा नाता है,
वर्ना नूर लिए ख्वाबों में कौन आता है,
जिसके इंतज़ार में बैठे हैं, वो रात बाकी है,
अभी एक अधूरी मुलाकात बाकी है...
चारों तरफ उजाला, दिल अंधियारा है,
शायद ये दरमियां ही प्यार की धारा है,
जो रोशन कर दे जहां वो आफ़ताब बाकी है,
अभी एक अधूरी मुलाकात बाकी है....
By Arshi Srivastava

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