अच्छा होता अगर...
- Hashtag Kalakar
- Dec 11, 2025
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By Aaryan Gupta
मरहम तो लगा लेते हो अक्सर ज़ख़्मों पर,
अच्छा होता अगर ज़ख़्म दिए ही न होते तो।
राज़ों को राज़ रखकर ख़ुश नज़र आते हो,
अच्छा होता अगर हमसे भी साझा करते तो।
दिल में उतरने की ग़ुस्ताख़ी तुम ही किया करते थे,
अच्छा होता अगर हमें यूँ तन्हा न करते तो।
माना तुम्हें अब हम नहीं भाते शायद,
अच्छा होता अगर ये हमसे आकर कहते तो।
बाबा कहते थे - धोखा अपनों की सौग़ात है,
अच्छा होता अगर उन्हें झूठा साबित करते तो।
देखकर तुम्हें अक्सर आँखें भीग जाती थीं,
अच्छा होता अगर हमें देख मुस्कुरा देते तो।
सदियाँ गुज़र गईं तेरे साथ बिताए लम्हों को,
अच्छा होता अगर कभी मुलाक़ात न होती तो।
मेरी दुनिया तुम रख लो, हमें क्या शिकायत,
अच्छा होता अगर हमें अपनी दुनिया में रख लेते तो।
मैं ग़लत ही सही, और तुम हमेशा सही थे,
अच्छा होता अगर हमें भी क़ुबूल कर लेने देते तो।
आज भी हम मर मिटते हैं सिर्फ़ तुम्हारे लिए,
अच्छा होता अगर हमारे संग थोड़ा जी लेते तो।
मरहम तो लगा लेते हो अक्सर ज़ख़्मों पर,
अच्छा होता अगर ज़ख़्म दिए ही न होते तो।
By Aaryan Gupta

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